
CabinetDecision : कैबिनेट ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 2% DA वृद्धि को मंजूरी दी, जिससे महंगाई भत्ता 55% हो गया। साथ ही, खरीफ 2025 के लिए उर्वरक सब्सिडी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना को स्वीकृति मिली, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
CabinetDecision : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। 1 जनवरी 2025 से प्रभावी इस निर्णय के तहत महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि की गई है, जिससे यह अब 55% हो गया है।
इस CabinetDecision से करीब 48.66 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 66.55 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि, इस वृद्धि से सरकारी खजाने पर हर साल ₹6614.04 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यह वृद्धि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप की गई है, जिससे सरकारी कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे और महंगाई का प्रभाव कम हो।
CabinetDecision : पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी जारी
खरीफ सीजन 2025 (1 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025) के लिए फॉस्फेटिक और पोटासिक (P&K) उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) की दरों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
सरकार ने इस योजना के लिए ₹37,216.15 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है, जो कि रबी 2024-25 की तुलना में ₹13,000 करोड़ अधिक है। यह निर्णय किसानों को उर्वरकों की आसान और सस्ती उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
CabinetDecision : इस फैसले से किसानों को क्या फायदा होगा?
- किसानों को किफायती दरों पर उर्वरक उपलब्ध होंगे।
- वैश्विक बाजार में उर्वरकों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, सरकार सब्सिडी के जरिए कीमतों को स्थिर रखेगी।
- सरकार किसानों को 28 प्रकार के P&K उर्वरकों पर सब्सिडी देती है, जिससे फसल उत्पादन की लागत कम होती है।
सरकार 2010 से NBS योजना के तहत किसानों को सब्सिडी प्रदान कर रही है। यह फैसला सरकार की किसान-हितैषी नीति को दर्शाता है, जो खाद्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है।
CabinetDecision : इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
कैबिनेट ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 22,919 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के साथ एक नई योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में आत्मनिर्भर बनाना और वैश्विक कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करना है।
सरकार ने इस योजना के जरिए ₹59,350 करोड़ का निवेश आकर्षित करने और ₹4,56,500 करोड़ मूल्य के उत्पादों के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इससे 91,600 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और अप्रत्यक्ष रूप से भी कई नौकरियां सृजित होंगी।
CabinetDecision : योजना की मुख्य विशेषताएं
- योजना के तहत डिस्प्ले मॉड्यूल, कैमरा मॉड्यूल, पीसीबी, ली-आयन सेल, इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे और सब-असेंबली के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।
- सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहन देगी।
- यह योजना 6 वर्षों तक लागू रहेगी, जिसमें पहले साल की अवधि कंपनियों को अपने उत्पादन को स्थापित करने के लिए दी जाएगी।
- कंपनियों को रोजगार सृजन के आधार पर भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का विकास
इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और इसका रणनीतिक महत्व बहुत अधिक है। सरकार की नीतियों के कारण वित्त वर्ष 2014-15 में ₹1.90 लाख करोड़ के घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का उत्पादन होता था, जो 2023-24 में बढ़कर ₹9.52 लाख करोड़ हो गया।
इसी तरह, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी ₹0.38 लाख करोड़ (2014-15) से बढ़कर ₹2.41 लाख करोड़ (2023-24) हो गया है। यह योजना भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला का एक प्रमुख केंद्र बनाने में मदद करेगी।
ये CabinetDecision देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जहां महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिलेगी, वहीं किसानों को उर्वरक सब्सिडी से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना से देश में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर मिलेंगे और भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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