
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने 7.7 करोड़ से अधिक सदस्यों और नियोक्ताओं के लिए दावा निपटान प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु दो बड़े सुधार किए हैं। इन सुधारों से न केवल ईपीएफ सदस्यों के जीवनयापन की सुगमता बढ़ेगी, बल्कि नियोक्ताओं के कारोबार संचालन में भी आसानी होगी।
EPFO के दो प्रमुख सुधार
EPFO ने दावा निपटान प्रक्रिया में निम्नलिखित दो प्रमुख बदलाव किए हैं:
- चेक लीफ/सत्यापित बैंक पासबुक की छवि अपलोड करने की आवश्यकता समाप्त
- यूएएन के साथ बैंक खाता विवरण जोड़ने के लिए नियोक्ता की मंजूरी की अनिवार्यता समाप्त
इन सुधारों से न केवल दस्तावेज़ी प्रक्रियाओं में कमी आएगी, बल्कि दावों के शीघ्र निपटान में भी मदद मिलेगी। आइए इन सुधारों को विस्तार से समझते हैं।
1. चेक लीफ/सत्यापित बैंक पासबुक की छवि अपलोड करने की आवश्यकता समाप्त
EPFO ने ऑनलाइन दावे दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए चेक लीफ या सत्यापित बैंक पासबुक की छवि अपलोड करने की अनिवार्यता को हटा दिया है। यह सुधार पहले कुछ केवाईसी-अपडेट सदस्यों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया था और अब इसे सभी सदस्यों के लिए लागू कर दिया गया है।
इस बदलाव से क्या लाभ होगा?
- चेक लीफ/बैंक पासबुक अपलोड करने की अनिवार्यता समाप्त होने से 6 करोड़ से अधिक ईपीएफ सदस्यों को तत्काल लाभ मिलेगा।
- दावे खारिज होने के मामलों में कमी आएगी क्योंकि अक्सर अपठनीय या खराब गुणवत्ता वाली छवियों के कारण दावे अस्वीकृत हो जाते थे।
- यूएएन के साथ बैंक खाते को जोड़ते समय खाताधारक का नाम पहले से ही सत्यापित होता है, इसलिए इस अतिरिक्त दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं रही।
- 28 मई 2024 को लागू इस बदलाव से अब तक 1.7 करोड़ से अधिक ईपीएफ सदस्यों को लाभ मिल चुका है।
2. यूएएन के साथ बैंक खाता जोड़ने के लिए नियोक्ता की मंजूरी की अनिवार्यता समाप्त
अब EPFO ने बैंक सत्यापन के बाद नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता को हटा दिया है, जिससे ईपीएफ सदस्यों के लिए बैंक खाता जोड़ने की प्रक्रिया अधिक सरल और तेज हो गई है।
वर्तमान स्थिति और समस्या
- प्रत्येक ईपीएफ सदस्य को अपने बैंक खाते को यूएएन से जोड़ना आवश्यक है ताकि भविष्य निधि (पीएफ) राशि सही खाते में स्थानांतरित हो सके।
- वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 1.3 करोड़ सदस्यों ने अपने बैंक खातों को जोड़ने के अनुरोध किए।
- बैंक सत्यापन में औसतन 3 दिन लगते हैं, जबकि नियोक्ता की मंजूरी में 13 दिन का अतिरिक्त समय लगता था।
- नियोक्ताओं के स्तर पर 14.95 लाख से अधिक अनुरोध लंबित थे, जिससे सदस्यों को अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ रहा था।
इस बदलाव से क्या लाभ होगा?
- नियोक्ताओं के स्तर पर लंबित 14.95 लाख से अधिक अनुरोधों का तत्काल निपटान होगा।
- ईपीएफ सदस्यों को तेजी से बैंक खाता जोड़ने और अपनी पीएफ राशि प्राप्त करने में आसानी होगी।
- नियोक्ताओं का कार्यभार कम होगा, जिससे वे अन्य महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
- सदस्यों को बैंक खाता बदलने की सुविधा भी मिलेगी, जिसमें आधार ओटीपी के माध्यम से नए आईएफएससी कोड का सत्यापन किया जा सकेगा।
EPFO के इन सुधारों से कौन लाभान्वित होगा?
- EPFO के 7.7 करोड़ से अधिक सदस्य – क्योंकि उनकी दावों की प्रक्रिया तेज और आसान होगी।
- 6 करोड़ से अधिक सदस्य – जो चेक लीफ/बैंक पासबुक अपलोड करने की अनिवार्यता हटने से लाभान्वित होंगे।
- 14.95 लाख सदस्य – जिनके बैंक खाते जोड़ने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब हो रहा था।
- नियोक्ता – क्योंकि अब उनके ऊपर बैंक खाता सत्यापन की मंजूरी का कार्यभार नहीं रहेगा।
EPFO द्वारा किए गए ये दो सुधार न केवल ईपीएफ सदस्यों की जीवनयापन प्रक्रिया को आसान बनाएंगे, बल्कि नियोक्ताओं के लिए व्यवसाय संचालन को भी सरल बनाएंगे।
- दावे निपटान प्रक्रिया तेज होगी
- सदस्यों की शिकायतें कम होंगी
- नियोक्ताओं का कार्यभार कम होगा
- ईपीएफओ की प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावी होंगी
यदि आप EPFO के सदस्य हैं और आपने अभी तक अपने बैंक खाते को यूएएन से नहीं जोड़ा है, तो अब यह प्रक्रिया और अधिक आसान हो गई है। तुरंत इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं और अपने भविष्य निधि से जुड़े लाभों को बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सकते हैं।
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